
“आज कल सोशल मीडिया पर लोग क्या कहेंगे वाला वीडियो बहुत वायरल हो रहा है।”
वायरल वीडियो की कहानी: जब मां की ममता और सामाजिक मर्यादा के बीच एक बेटे की खामोशी चीख उठी
आज कल के डिजिटल जमाने में सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं। जो हमारे दिल को छू जाते हैं और हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। ऐसा ही एक वीडियो। सोशल मीडिया इंस्टाग्राम काफी तेजी वायरल हो रहा है इस वीडियो में एक भावनात्मक मंज़र दिखाया गया है जहां एक लड़का (जो अपनी माँ से अपने प्यार की भीख मांग रही है) अपने पुराने प्यार से आखिरी बार मिलने आती है।
वीडियो में दिखाया गया है कि कैसी एक तरफ उसका सच्चा प्यार है और दूसरी तरफ उसकी मां का डर- “लोग क्या कहेंगे ये सवाल सदियों से हमारे समाज में कई प्रेम कहानियों का अंत आया है। इस भावुक दृश्य ने हमें ये सोचने पर मजबूर किया है कि क्या आज भी एक बेटे की ख़ुशी समाज के डर से कम है। या फिर ये लड़की फुटपाथ में बर्गर बैच रही, और गरीब है इसलिए
जब कोई वीडियो इतना भावुक होता है, तो अक्सर लोग इसे सच मान लेते हैं। लेकिन इस वीडियो की गहराईयों में जाने पर एक अलग सच सामने आता है।
क्या है वायरल वीडियो का सच कहानी या हकीकत
वीडियो की सच्चाई:
ये वीडियो असल में एक “स्क्रिप्टेड ड्रामा” या एक “सोशल अवेयरनेस फिल्म” का हिसा है, जो आरव मावी (डिजिटल क्रिएटर, @chalte_pirte098) ने बनाया है। आरव एक महत्वाकांक्षी अभिनेता और निर्माता हैं जो ऐसे भावनात्मक वीडियो बनाते हैं जो सामाजिक मुद्दों पर आधारित होते हैं।
स्क्रिप्टेड कंटेंट: आरव मावी ने अपने इंस्टाग्राम बायो में साफ लिखा है कि वो “हार्टब्रेक्स को टाइमलेस स्टोरीज में बदलते हैं।”
प्रोफेशनल शूटिंग: उनके कई वीडियो में कैमरा सेटअप और प्रोफेशनल लाइटिंग देखी जा सकती है, जो ये दिखाता है कि ये कोई वास्तविक घाटा नहीं, बल्कि एक निर्देशित कहानी है।
उद्देश्य: ऐसे वीडियो बनाने का मकसद व्यूअरशिप प्राप्त करना और समाज में चालू ‘लोग क्या कहेंगे’ वाले माइंडसेट पर प्रभाव डालना होता है।

‘लोग क्या कहेंगे’ – एक ज़हर जो रिश्तों को खत्म कर रहा है
भले ही ये वीडियो स्क्रिप्टेड हो, लेकिन इसका विषय बिल्कुल सच से भरा हुआ है। आज कल हमारे समाज में अब भी काई लड़कियाँ और लड़के अपनी पसंद की शादी सिर्फ इसलिए नहीं कर पाते क्योंकि उनके माता-पिता को ‘खानदान की नाक’ कटने का डर रहता है।
मानवीय परिप्रेक्ष्य:
एक मां-बाप के लिए उनका बच्चा सब कुछ होता है, लेकिन जब वही बच्चा सामाजिक बंधन में बंध जाता है, तो वो अंदर से टूटा हुआ महसूस करता है। वीडियो में मां का डर सच में महसूस होता है, जो कभी-कभी उन्हें अपने ही बच्चे की खुशी के खिलाफ खड़ा कर देता है।
सोशल मीडिया रील्स का प्रभाव और हमारी ज़िम्मेदारी
आजकल इंस्टाग्राम रील्स पर ऐसे वीडियो की भरमार हो गई है। इनका प्रभाव इतना गहरा होता है कि लोग बिना सच्चाई जाने इन्हें शेयर करने लगते हैं।
भवनात्मक जुड़ाव: हम इंसान भावनात्मक होते हैं और दर्द देखकर तुरन्त जुड़ जाते हैं।
Fects Check: हम अक्सर वीडियो के पीछे के क्रिएटर हैं या इसके Disclaimer को नहीं देखते।
सीख: हमें ये समझना चाहिए कि हर चीज जो दिखती है, वो सच नहीं होते, लेकिन हर कहानी के पीछे एक सीख जरूर मिलती है।
निश्कर्ष: कहानी स्क्रिप्टेड है, मगर दर्द असली है
अंत में, हम कह सकते हैं शेयर किया गया ये वीडियो एक कलात्मक प्रस्तुति है। ये वीडियो किसी असली घाटना की सीसीटीवी फुटेज नहीं बल्कि कलाकारों द्वारा निभाया गया एक किरदार है।
लेकिन, ये वीडियो हमें एक बहुत बड़ा सबक देता है: “प्यार और समाज के बीच की जंग में जीत हमेशा इंसानियत की होनी चाहिए।” अगर हम सिर्फ ‘लोग क्या कहेंगे’ के डर से जिएं, तो हम कभी अपनी असली जिंदगी नहीं जी पाएंगे। लोगों का क्या जिंदगी हमारी है, हमे जीना है सुख दुःख मै परिवार साथ देते ना कि समाज के लोग आज बोलेंगे कल को चुप हो जाएंगे सब भूल जाएंगे लेकिन प्यार अगर एक बार चला गया फिर कभी वापस नहीं आता इसलिए समाज के डर से कभी अपने प्यार को मत छोड़ना। जरा सोच के देखो कल को अगर तुम्हे या तुम्हारे परिवार के लोगों को कुछ हो जाता है , तो क्या समाज वाले देखने या बोलने आते नहीं आयेगा। तो फिर क्यू हम उस समाज से डर जिये जो हमारे दुःख में हमे पूछता तक नहीं।